कानपुर हत्याकांड: बहू ने 6 लाख में कराया ससुर का कत्ल, CCTV और चाबी से हुआ खुलासा
कानपुर हत्याकांड: जब ससुर की 'बंदिशों' ने बहू को कातिल बना दिया—6 लाख की सुपारी और खौफनाक साजिश का पूरा सचस्थान: कानपुर, उत्तर प्रदेश | तारीख: 7 सितंबर 2026 | अपडेट: सोमवार शाम
कानपुर। शहर के पॉश इंदिरा नगर इलाके में रविवार की सुबह एक ऐसी खबर ने हड़कंप मचा दिया, जिसने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। 63 वर्षीय प्रमुख दवा कारोबारी विनीत मिनोचा का शव उनके अपने फ्लैट में खून से लथपथ मिला। शुरू में पुलिस को लगा कि यह डकैती के दौरान हुई वारदात है, लेकिन जांच के जैसे-जैसे परदे उठे, सामने एक ऐसा सच आया जिसने सबको दंग कर दिया। हत्या की साजिश किसी बाहरी गिरोह ने नहीं, बल्कि घर की ही बहू शालू ने रची थी।
🕐 वारदात का वक्त और खौफनाक मंजर
यह वारदात कल्याणपुर थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर स्थित 'रतन ऑर्बिट' अपार्टमेंट की है। विनीत मिनोचा अपने परिवार के साथ फ्लैट नंबर सी-104 (C-104) में रहते थे।
📋 घटनाक्रम (Timeline)
सीसीटीवी फुटेज में दो लोग फ्लैट में घुसते और निकलते दिखाई दिए, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच की रफ्तार तेज कर दी।
🔍 जांच में बड़ा खुलासा: बहू निकली मास्टरमाइंड
पुलिस ने सबसे पहले सीसीटीवी फुटेज और एंट्री रजिस्टर के आधार पर दो आरोपियों—विशाल गौतम और राजकिशोर—की पहचान की। ये दोनों विनीत के पूर्व कर्मचारी थे। रविवार शाम जवाहरपुरम के पास पुलिस मुठभेड़ में दोनों के पैरों में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ के दौरान विशाल ने पुलिस को जो बताया, उससे सबके रोंगटे खड़े हो गए। उसने कबूल किया कि यह हत्या उसने और उसके साथी ने विनीत की बहू शालू (36 वर्ष) के कहने पर की है। शालू ने इस काम के लिए 6 लाख रुपये की सुपारी दी थी।
❓ क्यों की हत्या? ससुर की 'हरकतों' से थी परेशान
पुलिस पूछताछ में शालू टूट गई और उसने हत्या की साजिश रचने की बात मान ली। उसने पुलिस को बताया कि ससुर विनीत मिनोचा की वजह से वह मानसिक रूप से परेशान रहती थीं।
शालू के आरोप:
- प्राइवेसी का हनन: विनीत ने घर के अंदर दो सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए थे, जिससे घर के अंदर उसकी प्राइवेसी खत्म हो गई थी।
- पाबंदियां: ससुर उसे छोटी-छोटी बातों पर टोकते रहते थे। "यह मत पहनो", "वहां मत जाओ" जैसे कमेंट्स से वह तंग आ चुकी थी।
- खर्च पर नियंत्रण: करोड़पति परिवार की बहू होने के बावजूद ससुर उसके और पति के खर्च पर पूरा नियंत्रण रखते थे।
इन तनावों से निपटने के बजाय, शालू ने हत्या का रास्ता चुना। उसने पूर्व नौकर विशाल को फोन किया और साजिश रची।
🎯 हत्या की साजिश: कैसे अंजाम दिया गया?
पुलिस जांच में हत्या की प्लानिंग के चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:
- चाबी का इंतजाम: शालू ने हमलावरों को घर की चाबी दी थी, ताकि वे आसानी से अंदर घुस सकें।
- सिक्योरिटी को चकमा: अपार्टमेंट की सिक्योरिटी को विशाल का नाम 'शिवम' बताकर अंदर भेजा गया था।
- बातचीत के सबूत: पुलिस ने शालू और विशाल के बीच हुई फोन कॉल और बातचीत के रिकॉर्ड्स (CDR) को सबूत के तौर पर इकट्ठा किया।
👮 पुलिस का एक्शन: तीनों जेल भेजे गए
कानपुर पश्चिम के डीसीपी एस.एम. कासिम आबिदी ने इस मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी जानकारी दी। उन्होंने पुष्टि की कि दवा कारोबारी की हत्या की साजिश बहू ने ही रची थी।
कार्रवाई का विवरण:
- गिरफ्तार: बहू शालू, पूर्व नौकर विशाल गौतम और उसका साथी राजकिशोर।
- एक्शन: रविवार की शाम मुठभेड़ में पकड़े गए दोनों कत्लरों और सोमवार को गिरफ्तार की गई शालू को जेल भेज दिया गया है।
- आरोप: पुलिस ने तीनों के खिलाफ प्री-मेडिटेटेड मर्डर (पूर्व नियोजित हत्या), क्रिमिनल कंस्पिरेसी (अपराधिक साजिश) और सुपारी लेकर हत्या करने जैसे गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की है।
🏘️ इलाके में सनसनी
इस वारदात ने कानपुर के इंदिरा नगर और आसपास के इलाकों में सनसनी फैला दी है। एक पॉश अपार्टमेंट में रहने वाले करोड़पति कारोबारी की हत्या, और वह भी अपनी ही बहू की साजिश से—यह बात किसी को यकीन नहीं हो रही थी।
पुलिस ने इस मामले की जांच तेज करते हुए 24 घंटे के भीतर ही सूरज उजागर कर दिया, लेकिन इस वारदात ने समाज में एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या पारिवारिक कलह और पाबंदियां इंसान को कातिल बना सकती हैं?
📌 केस का स्टेटस (अंतिम अपडेट)
तिथि: 7 सितंबर 2026, सोमवार
आरोपी: शालू (बहू), विशाल गौतम (पूर्व नौकर), राजकिशोर (सहयोगी)
स्थिति: तीनों आरोपी जेल में बंद
जांच अधिकारी: डीसीपी पश्चिम एस.एम. कासिम आबिदी
(नोट: यह रिपोर्ट पुलिस द्वारा दी गई जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। मामले की जांच जारी है।)
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