GB Road Kotha 58: "मुझे बचा लो माँ" — 8 साल के बच्चे की मां की रुला देने वाली कहानी |
"मुझे बचा लो माँ" — 8 साल के बच्चे की मां की रुला देने वाली कहानी
दिल्ली, सितंबर 2026 — एक फोन कॉल। सिसकती हुई आवाज़। और एक मां से बेटी की गुहार: "मुझे GB रोड के कोठा नंबर 58 से बचा लो।"
यह कोई फिल्म की कहानी नहीं है। यह सच है। दिल्ली पुलिस ने हाल ही में जीबी रोड के कोठा नंबर 58 से दो महिलाओं को रेस्क्यू किया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। लेकिन इस कार्रवाई के पीछे छिपी कहानी इतनी दर्दनाक है कि आपको रुला देगी।
🚨 क्या हुआ था?
26 अगस्त 2026 को कमला मार्केट थाना पुलिस ने जीबी रोड स्थित कोठा नंबर 58 पर छापा मारा।
- दो महिलाएं रेस्क्यू: 26 और 28 साल की दो महिलाएं, जो पश्चिम बंगाल से नौकरी के झांसे दिल्ली लाई गई थीं।
- तीन गिरफ्तार: गीता (55), मंजू (58) और पारो खातून (29) — सभी कोठे की देखरेख करती थीं।
- एक बच्चा लापता: 28 साल की पीड़िता का 8 साल का बेटा, जिसे आरोपियों ने हॉस्टल में भेज दिया था, अभी भी लापता है।
- बरामदगी: 55,000 रुपये नकद, टोकन, रजिस्टर, बिजली बिल।
💔 पहली पीड़िता: 26 साल की मां की चीख
📍 2 मई 2026: पश्चिम बंगाल का रेलवे स्टेशन
एक 26 साल की शादीशुदा महिला प्लेटफॉर्म पर खड़ी थी। तभी एक व्यक्ति (कालू) ने उससे संपर्क किया और दिल्ली में नौकरी दिलाने का वादा किया।
क्या हुआ आगे?
- उसे दिल्ली लाकर उसका फोन छीन लिया गया।
- गीता के हाथों बेच दिया गया।
- एक महीने तक गीता के घर में बंद रखा गया।
- फिर कोठा नंबर 58 ले जाया गया, जहां उसे जबरन देह व्यापार में धकेल दिया गया।
अगले दिन पुलिस ने छापा मारकर उसे बचाया।
👶 दूसरी पीड़िता: "काम करो या तुम्हारे बेटे को मार देंगे"
📍 28 साल की मां की दर्दनाक कहानी
दो साल पहले पति और सास से विवाद के बाद वह अपने 8 साल के बेटे के साथ घर से निकल गई थी।
रेलवे स्टेशन पर एक महिला ने उसे और उसके बेटे को खाना-पीना देकर भरोसा जीता। फिर दोनों को दिल्ली ले गई।
झांसा और धोखा
- उसे झाड़ू-पोंछा की नौकरी का वादा किया गया था।
- लेकिन कोठा नंबर 58 पर उसे जबरन देह व्यापार में धकेल दिया गया।
- जब उसने विरोध किया, तो धमकी दी गई:
🏠 बेटे को हॉस्टल में भेजा
उसके बेटे को पारो खातून ने एक हॉस्टल में भेज दिया। महिला को 3-4 महीने में केवल एक बार ही मिलने की इजाजत थी।
अब वह बच्चा लापता है। पुलिस उसे खोज रही है।
🚔 पुलिस कार्रवाई: क्या बरामद हुआ?
गिरफ्तार आरोपी
- गीता (55) — कोठे की देखरेख
- मंजू (58) — कोठे की देखरेख
- पारो खातून (29) — बच्चे को हॉस्टल भेजने वाली
(सभी पश्चिम बंगाल की रहने वाली, जीबी रोड में रहती हैं)
💰 बरामद सामान
- ₹55,000 नकद
- टोकन
- रजिस्टर
- बिजली बिल
🏥 मेडिकल और काउंसलिंग
दोनों पीड़िताओं का लोकनायक अस्पताल में मेडिकल टेस्ट और काउंसलिंग कराई गई।
⚖️ मुकदमा
दो अलग-अलग केस दर्ज किए गए:
- BNS धाराएं: 137(2), 143(2), 144(1), 64(2), 61, 3(5)
- ITP Act धाराएं: 3, 5, 6
🔍 फरार
कोठे की मालिक अभी भी फरार है। पुलिस उसे खोज रही है।
⚠️ चौंकाने वाला खुलासा: पहले भी थीं आरोपी
पुलिस जांच में पता चला कि तीनों आरोपी 2025 में FIR 139/25 के तहत मानव तस्करी के मामले में पहले भी गिरफ्तार हो चुकी हैं और जमानत पर बाहर थीं।
यानी ये लोग पहले भी पकड़े गए थे, जेल गए थे, और फिर वही काम कर रहे थे।
📍 GB Road Kotha 58: यह जगह क्यों कुख्यात है?
जीबी रोड दिल्ली का सबसे बड़ा रेड-लाइट एरिया है। यहाँ सैकड़ों कोठे हैं, जहाँ महिलाओं को नौकरी के झांसे लाकर जबरन देह व्यापार में धकेल दिया जाता है।
कोठा नंबर 58 इनमें से एक है, जहाँ शादीशुदा महिलाओं को भी नहीं बख्शा जाता।
🆘 अगर आपको कोई शक हो, तो क्या करें?
अगर आपको लगता है कि कोई महिला या बच्चा तस्करी का शिकार हो सकता है, तो तुरंत इन नंबरों पर संपर्क करें:
- 📞 महिला हेल्पलाइन: 1091
- 📞 चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098
- 📞 इमरजेंसी: 112
- 📞 दिल्ली पुलिस: 100
🙏 अंत में
यह कहानी सच में रुला देगी। एक मां की चीख, एक बच्चे की लापतागी, और एक सिस्टम की खामोशी।
लेकिन उम्मीद है कि दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से ऐसे गिरोहों के खिलाफ लड़ाई तेज होगी। और वो 8 साल का बच्चा जल्द से जल्द अपनी मां की गोद में लौट आएगा।
📰 स्रोत
दिल्ली पुलिस, हिंदुस्तान टाइम्स, द ट्रिब्यून, न्यूज़18, आज तक, मिड-डे, फेस2न्यूज़
(अगस्त-सितंबर 2026 की रिपोर्ट्स के आधार पर)
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