5053 पन्नों की चार्जशीट: केतन मर्डर केस में सिया-चेतन के खिलाफ पक्के सबूत
5053 पन्नों की चार्जशीट, CCTV फुटेज, 85 गवाह! केतन मर्डर केस में पुलिस ने पेश किए मंगेतर के खिलाफ पक्के सबूत
पुणे। पुणे के सनसनीखेज केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुणे ग्रामीण पुलिस ने शनिवार को 5,053 पेज की चार्जशीट वडगांव मावल सेशंस कोर्ट में दाखिल कर दी है। चार्जशीट में व्हॉट्सऐप चैट, तस्वीरें, मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), CCTV फुटेज, गवाहों के बयान और तकनीकी जांच से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं।
पुलिस ने करीब 80 से 85 लोगों के बयान दर्ज किए हैं, जिनमें तीन ऐसे गवाह भी शामिल हैं जिन्होंने घटना के दौरान सिया गोयल और चेतन चौधरी को देखा होने का दावा किया है।
शुरुआत में हादसा, बाद में हत्या: जांच कैसे बदली?
केतन अग्रवाल (26) 18 जून को अपनी मंगेतर सिया गोयल और दो दोस्तों के साथ लोहागढ़ किले गया था। शुरुआत में कहा गया कि तस्वीर लेते समय उसका पैर फिसला और वह करीब 400 फीट नीचे खाई में गिर गया। लेकिन जांच के दौरान टिकट काउंटर के पास लगे CCTV फुटेज ने पूरी कहानी बदल दी।
CCTV में एक हुडी पहना व्यक्ति केतन और सिया के पीछे जाता दिखा। पुलिस ने उसकी पहचान चेतन चौधरी के रूप में की। पुलिस के मुताबिक, चेतन ने उस दिन अपना फोन काम की जगह पर छोड़ दिया था और सुबह 7 बजे से शाम 5:40 बजे तक इंटरनेट बंद रखा था — जो संदेह पैदा करने वाला था।
डिजिटल सबूत: WhatsApp चैट, CDR और ऑनलाइन सर्च हिस्ट्री
जांच में पुलिस ने सिया और चेतन के फोन डेटा और कॉल रिकॉर्ड की गहन जांच की। पुलिस का दावा है कि दोनों के बीच हजारों कॉल हुई थीं, जिनमें कई लंबी बातचीत भी शामिल थी।
चार्जशीट में सिया की ऑनलाइन सर्च हिस्ट्री का भी जिक्र है। पुलिस के अनुसार, उसने 2025 में लोहागढ़ में हुए एक हादसे (जिसमें एक महिला की मौत हुई थी) और सोनम रघुवंशी हत्याकांड से जुड़ी जानकारी खोजी थी।
इसके अलावा, आरोपियों ने एक फेक इंस्टाग्राम अकाउंट 'माही' (Mahi) बनाकर केतन को लोहागढ़ किले पर बुलाने की साजिश रची थी।
14 जून को भी थी हत्या की कोशिश?
पुलिस ने चार्जशीट में आरोप लगाया है कि सिया इससे पहले भी केतन को लोहागढ़ लेकर गई थी। 14 जून को उसे चट्टान से धक्का देने की कोशिश की गई, लेकिन केतन एक झाड़ी पकड़कर बच गया।
पुलिस का आरोप है कि इसके बाद 18 जून को केतन को फिर लोहागढ़ ले जाया गया, जहां उसकी मौत हुई। जांचकर्ताओं का दावा है कि सिया और चेतन के बीच रिश्ता था और दोनों ने हत्या की योजना बनाई थी।
हत्या कैसे हुई? चार्जशीट में खुलासा
चार्जशीट के मुताबिक, जब केतन अनजान था, सिया गोयल ने पीछे से उसके कंधे के पास धक्का दिया, जबकि चेतन चौधरी ने उसका पैर धकेला। फिर चेतन ने केतन को लात मारी, जिससे वह किले से नीचे खाई में गिर गया और उसकी मौत हो गई। [1][7]
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान दोनों ने मामले में अपनी भूमिका स्वीकार की है।
जांच के नए खुलासे: फेक इंस्टाग्राम, चाटजीपीटी और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग
चार्जशीट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपियों ने केतन को लोहागढ़ किले पर बुलाने के लिए एक फेक इंस्टाग्राम अकाउंट 'माही' (Mahi) बनाया था। [1][8] इसके अलावा, हत्या की योजना बनाने के लिए ChatGPT का भी इस्तेमाल किया गया था।
सिया ने ऑनलाइन सर्च किया था: 2025 में लोहागढ़ हादसा, सोनम रघुवंशी केस, और मेघालय हनीमून मर्डर — जिससे साफ है कि हत्या के तरीके पहले से रिसर्च किए गए थे।
पुलिस का आरोप है कि चेतन ने एक बेंगलुरु स्थित दोस्त के जरिए कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की भी कोशिश की थी, लेकिन प्लान काम नहीं किया। बाद में लोहागढ़ किले पर हत्या का प्लान फाइनल किया गया।
सिया और चेतन का रिश्ता 1.5 महीने पहले फिर से शुरू हुआ था और केतन की बाली ट्रिप की योजना भी हत्या के मकसद का हिस्सा थी। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने केतन की संपत्ति और बीमा राशि हड़पने की भी योजना बनाई थी।
तीन आरोपी हिरासत में
फिलहाल सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे हिरासत में हैं। पुलिस ने 90 दिन की समय सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी है। अब अदालत में दाखिल CCTV फुटेज, मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड, सर्च हिस्ट्री, गवाहों के बयान और दूसरे दस्तावेजी सबूत मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा होंगे।
मुख्य बातें (Key Highlights)
- 5,053 पेज की चार्जशीट वडगांव मावल कोर्ट में दाखिल।
- 80–85 गवाहों के बयान दर्ज, तीन चश्मदीद गवाह।
- CCTV फुटेज ने जांच की दिशा बदली — हुडी वाला व्यक्ति चेतन था।
- फेक इंस्टाग्राम अकाउंट 'माही' से केतन को लोहागढ़ बुलाया गया।
- सिया ने सोनम रघुवंशी केस और लोहागढ़ हादसे की जानकारी ऑनलाइन सर्च की।
- 14 जून को भी हत्या की कोशिश — केतन झाड़ी पकड़कर बचा।
- ChatGPT का इस्तेमाल हत्या की प्लानिंग में।
- बेंगलुरु दोस्त के जरिए कॉन्ट्रैक्ट किलिंग का प्रयास।
- सिया-चेतन का रिश्ता 1.5 महीने पहले फिर से शुरू हुआ था।
- तीनों आरोपी जेल में, पूछताछ में भूमिका स्वीकार।
कानूनी प्रक्रिया: अगले कदम
चार्जशीट दाखिल होने के बाद कोर्ट आरोप तय करेगी।
अगर कोर्ट ने चार्जशीट स्वीकार कर ली, तो ट्रायल शुरू होगा। आरोपियों पर IPC की धारा 302 (हत्या), 34 (साझा इरादा), 120B (साजिश) और अन्य धाराओं के तहत मामला चलेगा।
नोट: यह खबर विभिन्न समाचार स्रोतों पर आधारित है। मामले की कानूनी प्रक्रिया अभी चल रही है।
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