Breaking News

IIT Bombay Suicide Case: Exam Hall CCTV में खुला राज, Crime Branch ने ली कमरे की तलाशी

IIT बॉम्बे सुसाइड केस में बड़ा खुलासा: परीक्षा हॉल में क्या हुआ था? खुल गया राज, क्राइम ब्रांच ने कमरे की ली तलाशी

मुंबई: देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) में बी.टेक सेकेंड ईयर के छात्र साहिल रवींद्र वाकोडे की संदिग्ध मौत के मामले में एक बेहद अहम और सनसनीखेज सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सामने आया है। 

घटना के दो दिन बाद सामने आए इस 15 मिनट (दोपहर 12:30 से 12:45 बजे) के वीडियो में परीक्षा हॉल का पूरा घटनाक्रम कैद हो गया है, जो अब मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच के लिए सबसे बड़ा और अहम सबूत बन गया है। 

परीक्षा हॉल का सीसीटीवी फुटेज और चैटजीपीटी (ChatGPT) के इस्तेमाल का शक

एसीपी धर्मवीर बनसोड के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की विशेष टीम इस पूरे फुटेज का बारीकी से विश्लेषण कर रही है। क्लासरूम और लॉबी में लगे सीसीटीवी कैमरों ने दोपहर 12:30 से 12:45 बजे के बीच का पूरा वाकया रिकॉर्ड किया है, जबकि परीक्षा दोपहर 1 बजे खत्म होने वाली थी। 

फुटेज में दिखाई दे रहा है कि साहिल वाकोडे अपनी सीट पर थोड़ा झुककर अपनी जेब में रखे मोबाइल फोन की तरफ देख रहा था। जांच में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि वह प्रश्नपत्र का उत्तर पाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म चैटजीपीटी (ChatGPT) का इस्तेमाल कर रहा था। 

इसी दौरान कोर्स इंस्ट्रक्टर और परीक्षा निरीक्षक प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला की नजर उस पर पड़ी। उन्होंने मौके पर जाकर उससे पूछताछ की और फिर उसे बाकी छात्रों से अलग करते हुए परीक्षा हॉल से बाहर जाने का निर्देश दिया। 

हॉस्टल रूम में एंट्री और खामोशी का रहस्य

लॉबी और हॉस्टल के अन्य कैमरों की पड़ताल से यह बात सामने आई है कि परीक्षा हॉल से बाहर आने के बाद साहिल दोपहर करीब 1:25 बजे अपने हॉस्टल के कमरे में दाखिल हुआ था। 

जांच अधिकारियों के अनुसार, उस वक्त कमरे में प्रवेश करने के बाद साहिल फिर कभी बाहर नहीं निकला। काफी समय तक जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो अंदर उसकी लाश मिलने की खबर सामने आई, जिसने सबको झकझोर कर रख दिया। 

क्राइम ब्रांच द्वारा कमरा सील और सुसाइड नोट की तलाश

इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच अब पूरी तरह से पवई पुलिस स्टेशन से लेकर मुंबई क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दी गई है। एसीपी धर्मवीर बनसोड की विशेष टीम ने साहिल के हॉस्टल रूम की बारीकी से तलाशी ली और मौके का पंचनामा तैयार किया। 

पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि इस बार जांच में कोई तकनीकी चूक न हो, क्योंकि इससे पहले आईआईटी बॉम्बे में हुए एक अन्य सुसाइड केस में स्थानीय पुलिस को तुरंत सुसाइड नोट नहीं मिला था, जो बाद में एक किताब से बरामद हुआ था। 

फिलहाल कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन पुलिस ने साहिल का मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल डिवाइस अपने कब्जे में ले लिया है। 

पिता के गंभीर आरोप और प्रोफेसर पर एफआईआर

मृतक छात्र साहिल वाकोडे के पिता रवींद्र वाकोडे की शिकायत पर पवई पुलिस ने पहले ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को नामजद करते हुए एफआईआर दर्ज कर ली थी। 

पिता का आरोप है कि प्रोफेसर डूला पिछले तीन महीनों से साहिल के साथ जातिगत भेदभाव कर रहे थे और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। 

हालांकि, दूसरी तरफ आईआईटी बॉम्बे फैकल्टी फोरम का दावा है कि प्रोफेसर ने किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया, बल्कि उन्होंने केवल सामान्य रूप से परीक्षा के नियमों का सख्ती से पालन किया था। 

फिलहाल पुलिस और क्राइम ब्रांच हर एंगल से इस मामले की गहराई से छानबीन कर रही है। 


(अस्वीकरण: यह खबर सार्वजनिक रिपोर्ट्स और पुलिस बयानों पर आधारित है। जांच अभी चल रही है, अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होंगे।)

कोई टिप्पणी नहीं