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बस्ती हनीट्रैप केस: SO सूर्य प्रकाश सिंह की मौत के बाद खुला कथित गैंग का पूरा खेल | प्रियंका चौधरी और वकील गिरफ्तार

बस्ती हनीट्रैप केस: SO सूर्य प्रकाश सिंह की मौत के बाद खुला कथित गैंग का पूरा खेल

📅 प्रकाशित: 7 सितंबर 2026 | 📍 बस्ती, उत्तर प्रदेश | ⏱️ पढ़ने में समय: 8 मिनट

उत्तर प्रदेश के बस्ती में वाल्टरगंज थाने के प्रभारी सूर्य प्रकाश सिंह की आत्महत्या के बाद पुलिस ने एक कथित हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसमें एक महिला, उसके पिता और एक वकील को गिरफ्तार किया गया है। यह मामला तब सामने आया जब सिंह के बेटे ने 5 सितंबर को FIR दर्ज कराई और पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की पड़ताल शुरू की।

बस्ती हनीट्रैप केस - पुलिस जांच
बस्ती पुलिस ने हनीट्रैप गैंग का खुलासा किया (प्रतीकात्मक तस्वीर)

मामले की पृष्ठभूमि: SO की संदिग्ध मौत

29 अगस्त 2026 को बस्ती के वाल्टरगंज थाने के प्रभारी 56-57 वर्षीय सूर्य प्रकाश सिंह अपने सरकारी आवास में फांसी की हालत में मिले थे। प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या माना गया, लेकिन परिवार की शिकायत और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की पड़ताल के बाद मामला गहराया।

⚠️ ध्यान दें: 5 सितंबर को सिंह के बेटे संदीप सिंह ने बस्ती कोतवाली थाने में FIR दर्ज कराई, जिसमें कुछ लोगों की मिलीभगत से प्रताड़ना का आरोप लगाया गया।

गिरफ्तारियां और आरोपित

पुलिस ने रविवार (6 सितंबर) को तीन लोगों को गिरफ्तार किया:

  • प्रियंका चौधरी (32 वर्ष) – मुख्य आरोपी, वाल्टरगंज क्षेत्र के गंधार गांव की निवासी
  • राम नयन चौधरी (58 वर्ष) – प्रियंका के पिता
  • विजय प्रकाश यादव – अधिवक्ता (वकील)

तीनों को सदर हॉस्पिटल चौराहे के पास से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

गिरफ्तार आरोपित
तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया (प्रतीकात्मक तस्वीर)

कथित हनीट्रैप का तरीका-कारवां

पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक नेटवर्क का तरीका काफी योजनाबद्ध था:

  1. संपर्क और दोस्ती: प्रियंका कथित तौर पर आर्थिक रूप से संपन्न लोगों से संपर्क बनाती थी, दोस्ती बढ़ाती थी और करीबी संबंध स्थापित करती थी।
  2. निजी सामग्री जुटाना: बातचीत आगे बढ़ने पर निजी तस्वीरें, वीडियो, ऑडियो और अन्य व्यक्तिगत जानकारी हासिल की जाती थी।
  3. ब्लैकमेलिंग और वसूली: इस सामग्री का इस्तेमाल कर पैसे की मांग की जाती थी; मना करने पर सामग्री सार्वजनिक करने या बदनाम करने की धमकी दी जाती थी।
  4. धमकी का खौफनाक रूप: पुलिस का दावा है कि प्रियंका कभी-कभी वीडियो कॉल पर अपनी कलाई काटने का नाटक करके भी पीड़ितों को डराती थी।

💡 महत्वपूर्ण: पुलिस के अनुसार, प्रियंका ने पीड़ितों के साथ शारीरिक संबंध बनाए, जिसे बाद में ब्लैकमेलिंग का हथियार बनाया गया।

SO सूर्य प्रकाश सिंह से संबंध और आखिरी कॉल

जांच में सामने आया कि प्रियंका ने सूर्य प्रकाश सिंह से एक मामले के सिलसिले में संपर्क किया था, जिसके बाद दोनों के बीच करीबी बढ़ी।

  • 29 अगस्त को दोपहर 1:41 बजे वकील विजय प्रकाश यादव ने सिंह को आखिरी कॉल की।
  • पुलिस का दावा है कि इस कॉल में 1 करोड़ रुपये की मांग की गई।
  • रकम न जुटा पाने की स्थिति में सिंह ने कथित तौर पर आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
आखिरी कॉल का सबूत
कॉल डिटेल रिकॉर्ड से संपर्क की कड़ियां सामने आईं (प्रतीकात्मक तस्वीर)

प्रियंका चौधरी और वकील विजय प्रकाश यादव की भूमिका

पुलिस जांच के मुताबिक दोनों आरोपितों ने कथित हनीट्रैप-ब्लैकमेलिंग नेटवर्क में अलग-अलग लेकिन पूरक भूमिकाएं निभाईं।

प्रियंका चौधरी (32 वर्ष) – मुख्य जाल बिछाने वाली

  • शिकार चुनना और संपर्क बनाना
  • दोस्ती और करीबी बढ़ाना
  • निजी सामग्री जुटाना
  • शारीरिक संबंध बनाना
  • डराने-धमकाने का नाटक (नस काटने का ड्रामा)

वकील विजय प्रकाश यादव – ब्लैकमेलिंग और वसूली का कानूनी चेहरा

  • कानूनी सलाहकार की भूमिका
  • ब्लैकमेलिंग में सीधी भागीदारी
  • आखिरी कॉल और 1 करोड़ की मांग
  • परिवार के साथ मिलकर वसूली की रणनीति तैयार करना
आरोपित मुख्य काम
प्रियंका चौधरी शिकार चुनना, संपर्क बनाना, करीबी बढ़ाना, निजी सामग्री जुटाना
राम नयन चौधरी (पिता) ब्लैकमेलिंग और वसूली में सहायक भूमिका
विजय प्रकाश यादव (वकील) कानूनी सलाह, ब्लैकमेलिंग में सीधी भागीदारी, पीड़ितों पर दबाव बनाना

अन्य पीड़ित और वसूली का दावा

पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं था:

  • कम से कम तीन अन्य लोगों से करीब 24 लाख रुपये वसूले जाने का संदेह है।
  • इनमें एक डॉक्टर का भी नाम सामने आया है।
  • पुलिस अब संभावित पीड़ितों की पहचान और उनके बयान दर्ज करने में जुटी है।
पुलिस जांच जारी
पुलिस अन्य पीड़ितों की पहचान कर रही है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

बरामदगियां और जांच की दिशा

गिरफ्तारियों के दौरान पुलिस ने आरोपितों से निम्न चीजें बरामद कीं:

  • एक महिंद्रा बोलेरो SUV
  • तीन मोबाइल फोन

जांच के प्रमुख बिंदु:

  • इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों (मोबाइल, CDR) से संपर्क की कड़ियां जोड़ना
  • यह पता लगाना कि निजी तस्वीरें/वीडियो कैसे और किस माध्यम से हासिल किए जाते थे
  • नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की पहचान
  • क्या बस्ती के बाहर अन्य शहरों में भी ऐसे मामले हुए

प्रियंका का पृष्ठभूमि विवरण

पुलिस के अनुसार:

  • प्रियंका करीब 10 साल से अपने पति से अलग रह रही थी।
  • वह मुंबई में ब्यूटी पार्लर और स्पा सेंटरों में काम कर चुकी है।
  • पुलिस उसके पुराने संपर्कों और गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है।
मुंबई स्पा कनेक्शन
प्रियंका मुंबई में ब्यूटी पार्लर और स्पा में काम कर चुकी है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

आगे की कार्रवाई

⚖️ कानूनी स्थिति: तीनों आरोपित न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, कॉल डिटेल और पूछताछ के आधार पर नेटवर्क की अन्य कड़ियों को सामने लाने की कोशिश कर रही है।

  • संभावित पीड़ितों के बयान और अतिरिक्त साक्ष्यों से मामले की और परतें खुलने की उम्मीद जताई गई है।
  • पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या बस्ती के बाहर दूसरे शहरों में भी इसी तरह लोगों को कथित तौर पर निशाना बनाया गया था।

निष्कर्ष

यह मामला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि इसमें एक पुलिस अधिकारी की मौत के बाद एक कथित संगठित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें एक वकील की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की उम्मीद है।

📢 चेतावनी: यह खबर केवल सूचना के उद्देश्य से है। सभी आरोपित निर्दोष माने जाते हैं जब तक कि कोर्ट द्वारा दोषी साबित न किए जाएं।

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स्रोत: पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस, स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स

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