निर्माणाधीन दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेस-वे पर 2 बड़े हादसे, दो मजदूरों की मौत
दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेस-वे पर दो बड़े हादसे, 2 मजदूरों की मौत; बाल-बाल टला बड़ा हादसा
निर्माणाधीन दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार को लगातार दो बड़े हादसों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। जम्मू-सांबा क्षेत्र में करीब 30 किलोमीटर के दायरे में कुछ ही घंटों के अंतराल पर निर्माणाधीन एलीवेटेड रोड की भारी स्लैब पिलर से फिसलकर नीचे गिर गई। इन हादसों में दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक श्रमिक गंभीर रूप से घायल हुआ है।
एक के बाद एक हुए दो हादसे
जानकारी के अनुसार, पहला हादसा मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे विजयपुर के जख इलाके में हुआ। यहां जम्मू-पठानकोट हाईवे के ऊपर निर्माणाधीन फ्लाईओवर पर स्लैब लगाने का काम चल रहा था।
इसी दौरान एक भारी डायाफ्राम सेगमेंट असंतुलित होकर पिलर से नीचे गिर गया। बताया जा रहा है कि स्लैब करीब 50 फीट नीचे सड़क की तरफ गिरी। हादसे के वक्त आसपास कई मजदूर मौजूद थे।
बिहार के मजदूर की मौत
हादसे में बिहार के समस्तीपुर निवासी गौतम साहु (26) की मौत हो गई। वहीं उनके सहयोगी बिटिश साहु (25) को गंभीर चोटें आईं। घायल मजदूर को इलाज के लिए एम्स में भर्ती कराया गया है।
हादसे के बाद मौके पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। एक शव काफी समय तक निर्माणाधीन हिस्से में फंसा रहा, जिसे बाद में क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया।
घटना से नाराज मजदूरों ने मौके पर विरोध प्रदर्शन भी किया। इसके बाद कंपनी के अधिकारियों और संबंधित परियोजना अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
सिद्धड़ा में दूसरा हादसा
पहले हादसे के कुछ समय बाद जम्मू के सिद्धड़ा इलाके में भी निर्माणाधीन एक्सप्रेस-वे के फ्लाईओवर पर दुर्घटना हो गई।
यहां क्रेन की सहायता से पिलर के ऊपर स्लैब स्थापित की जा रही थी। इसी दौरान स्लैब अचानक नीचे गिर गई। हादसे में रामबन निवासी बुद्धि सिंह की मौत हो गई।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसा किस वजह से हुआ और निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं, इसकी जांच की जा रही है।
सड़क पर चल रहा था ट्रैफिक, फिर भी टला बड़ा हादसा
इन दोनों घटनाओं में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि जिस सड़क के ऊपर निर्माण कार्य चल रहा था, वहां उस समय वाहन भी गुजर रहे थे। भारी स्लैब सड़क पर गिरने के बावजूद कोई वाहन इसकी चपेट में नहीं आया।
अगर स्लैब किसी वाहन पर गिरती तो नुकसान काफी ज्यादा हो सकता था। लगातार दो हादसों के बाद अब निर्माण कार्य की गुणवत्ता और श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
मुआवजे का दिया गया भरोसा
पहले हादसे के बाद अधिकारियों ने मृतक मजदूर के परिवार को 15 लाख रुपये मुआवजा और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। वहीं दूसरे हादसे में भी पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की बात सामने आई है।
पुलिस जांच में सामने आएगा हादसे का कारण
पुलिस ने दोनों घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान निर्माण कार्य में इस्तेमाल हो रहे उपकरणों, स्लैब लगाने की प्रक्रिया और सुरक्षा इंतजामों की भी जांच की जा सकती है।
फिलहाल हादसों की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
निष्कर्ष
दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेस-वे एक महत्वपूर्ण सड़क परियोजना है। ऐसे बड़े निर्माण कार्यों में श्रमिकों के साथ-साथ सड़क से गुजरने वाले लोगों की सुरक्षा भी बेहद जरूरी है। एक ही क्षेत्र में कुछ घंटों के भीतर दो हादसों में दो मजदूरों की जान जाने के बाद सुरक्षा मानकों को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब जांच के बाद ही मिल सकेगा।
Disclaimer: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। हादसों के वास्तविक कारणों और जिम्मेदारी को लेकर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
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